Hindi transcript
दीपक को बुलाओ।
हाँ... हाँ पापा? का है?
ई बहू को इतना भारी-भरकम साड़ी के लिए काहे फोर्स करता है घर में पहनने के लिए?
हैं? वहाँ क्या देख रहा है?
और बहू तुम जो है कोई ज़रूरत नहीं इतना भारी-भरकम साड़ी पहनने का।
तुम्हारा मीटिंग-वीटिंग रहता है ना?
गर्मी भी इतना है।
तो घर के भीतर तो सलवार सूट पहन ही सकती हो ना?
और जब कोई बाहर से आए तब... फॉर्मेलिटी के लिए दो मिनट...
और इसके चक्कर में ना पड़ा करो।
ई तो पढ़ा-लिखा मूर्ख हैये है।
मीटिंग... मीटिंग... मीटिंग...
अरे वो मीटिंग कर लेगी ना अपना।
ए! मीटिंग करा देना बहू का ज़रा।
हाँ हाँ।
ए ए, मीटिंग कर लेना भाई। कर ले, कर ले।
लेकिन लाइट कट गई तो? परसों कटी थी।
अरे शुभ-शुभ बोला करो कभी तो।
तुम चिंता ना करना बहू।
ये तो पीढ़ियों का अंतर है बेटा।
और हमेशा रहेगा।
कल को तुम्हारे बहू-बेटे होंगे...
वो भी तुमसे बीस-पच्चीस साल आगे का देखेंगे।
ये तो चलता रहेगा।
चलो।
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