एयर इंडिया के पायलट ने सुनाई जान बचाने और हनुमान चालीसा पढ़ने की कहानी
2 min Life & society
2 min Life & society
Sir मेरे लिए मैं, मैं sir से भी बोल रहा था।
आप मेरे सबसे बड़े, सबसे बड़े idol है sir और मेरे को ऐसे call करके मेरी appreciation कर रहे।
मुझे बहुत, बहुत, बहुत गर्व feel हो रहा है।
मैं उस moment में sir। मैं, मैं अपनी, मैं अपनी life के लिए लड़ रहा था।
But एक ऐसा moment था जब मेरे को realize हुआ कि अगर मैंने कुछ नहीं किया क्योंकि मैं गिर चुका था। मेरे को इतने గాव लग चुके थे कि मैं गिर चुका था नीचे। And उस time पर मैं बोला कि अगर मैं नहीं उठूंगा तो। And मैं Air India में 17 साल से जहाज उड़ाता हूँ। मैं पिछले 11 साल से captain हूँ
और मुझे पता चलता है आँख बंद करके भी कि जहाज में क्या हो रहा है।
जब मैं नीचे गिरा हुआ था तब मुझे। तब मुझे एहसास हो रहा था कि aircraft नीचे जा रहा है और मुझे बिल्कुल पता था कि ये एक last push अगर Smith कर ले दरवाजा बस वहीं है और तभी भी मैं मार खा ही रहा था।
बस वो खोल लिया sir। बाकी सब आगे और बाकी सबके भी उतनी उतनी उसमें, उसमें role था।
But जान के मैं सबको बोल रहा था कि मैं अपनी जान के हिसाब से कर रहा था। But at the same time मुझे इतना भी पता था कि मैं उन सबको नहीं मत दे सकता।
बस उसके बाद मेरे को लोगों ने यहां पर भी, Saudi में भी, यहां पर तो बोलकर इससे अच्छी care और इससे अच्छा medical attention नहीं मिल सकता था।
And मैं sir, I am just मैं एक सिर्फ positivity में। मैं जब भी मेरे को डरस होता है, मुझे एक ही चीज आती है। मैं सिर्फ हनुमान चालीसा बोलता हूं।
उस time पर भी मैं सिर्फ हनुमान चालीसा ही बोल रहा था और मुझे पता है कि वो भगवान ही मेरे को बचाएगा।
बस आपका एक call आ गया। मेरे को बहुत, बहुत गर्व होता है। अभी मेरे को हो रहा है मेरे पर। अब तक नहीं हो रहा था।
अब हो गया sir। Sorry कि आपके सामने रो रहा हूं sir।
Smith
End of transcript · 359 words
TranslateMom transcribes and translates videos from X, TikTok, YouTube and Instagram. Paste a link and you get a page like this one, in your language.